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क्रैश के बाद सब खत्म… मगर बचा एक! एअर इंडिया हादसे से निकली ज़िंदा उम्मीद

अहमदाबाद। गुरुवार को गुजरात के अहमदाबाद से लंदन के गैटविक जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद भीषण हादसे का शिकार हो गई। बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान के क्रैश होने से 204 यात्रियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य अब भी लापता हैं। इस भयावह त्रासदी के बीच एक चमत्कारिक जीवन बचा — और वह हैं 40 वर्षीय विश्वास कुमार रमेश, जो इस विमान हादसे के इकलौते जीवित यात्री हैं।

हादसे की कहानी विश्वास की जुबानी:
विश्वास ने बताया, “टेकऑफ के बाद एक जोरदार धमाका हुआ। सब कुछ जल रहा था, लोग चीख रहे थे। मैं किसी तरह बाहर निकला और फिर बेहोश हो गया। जब होश आया, तो मैं अस्पताल में था।”
वे फ्लाइट में सीट 11A पर बैठे थे, जबकि उनके भाई अजय कुमार रमेश किसी दूसरी कतार में थे। अब भी अजय की कोई खबर नहीं है।
“मैं बस यही कह रहा हूँ – कृपया मेरे भाई को ढूंढिए,” – अस्पताल में भर्ती विश्वास की आवाज़ टूट रही है, पर उम्मीद अब भी ज़िंदा है।

घटनास्थल का मंजर भयावह:
विमान एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल मेस से टकराया, जिससे वहाँ लंच कर रहे कई मेडिकल स्टूडेंट्स भी हताहत हुए। जगह-जगह विमान के टुकड़े, जलती इमारतें और घायल लोगों की चीखें इस भीषण हादसे की गवाही दे रही थीं।

लंदन में रहते हैं विश्वास कुमार:
विश्वास कुमार पिछले 20 साल से लंदन में रह रहे हैं। वे भारत में अपने परिवार से मिलने आए थे और भाई के साथ वापस लौट रहे थे। अब वे अहमदाबाद सिविल अस्पताल में भर्ती हैं। आंखों, सीने और पैरों में गंभीर चोटें हैं, लेकिन वे जीवित हैं — यह किसी चमत्कार से कम नहीं।

पुलिस और बचाव दल की टीमें मौके पर हैं। मृतकों की पहचान जारी है और हादसे की जांच के आदेश दिए गए हैं।

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